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Bhavana Kasturi ने सैन्यदल की पहली महिला लीडर बन रचा इतिहास

2019 एक ताज़ा शुरुआत हो चुकी है। एक तरफ जहाँ भारत ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट सीरीज़ जीतने वाली पहली एशियाई टीम बन गई, वहीं दूसरी तरफ Bhavana Kasturi के रूप में हमें पहली महिला अधिकारी भी मिल गयी है जो 15 जनवरी को सेना दिवस परेड में एक प्रमुख दल का नेतृत्व करेगी।

Bhavana Kasturi
Photo : navbharattimes.indiatimes.com

Lt. Bhavana Kasturi भारतीय सेना के इतिहास में पहली बार 144 पुरुष कर्मियों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। हालांकि, 2015 में त्रि-सेवाओं की महिला अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस पर 148 कर्मियों के साथ अपनी टुकड़ी का नेतृत्व किया था, लेफ्टिनेंट भवन से पहले किसी भी महिला अधिकारी ने सेना दिवस परेड का नेतृत्व नहीं किया है|

Bhavana Kasturi 71 वें सेना दिवस परेड में भारतीय सेना की सेवा कोर (एएससी) दल का नेतृत्व करेंगी| ये परेड सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि एएससी दो दशकों के अंतराल के बाद हिस्सा ले रहा है।

Kasturi ने सूत्रों से बात करते हुए कहा कि उनका केंद्र बंगलौर में है और वो अपने रेजिमेंटल सेंटर से आ रही हैं और पिछले छह महीने से वो प्रेक्टिस कर रहे हैं। उन्होनें बताया कि उनके साथ केंद्र के दो पुरुष अधिकारी भी आकस्मिक कमांडरों के रूप में प्रेक्टिस कर रहे हैं|

Bhavana Kasturi
Photo : thedispatch.in

उन्होंने इस अवसर के लिए सेना की सराहना की कि ये पूरे संगठन में हो रहे विकास और बदलाव का प्रतीक है। साथ ही उन्होनें कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा महिला अधिकारी इसे ग्रहण करेंगी|

प्रकाशन से बात करते हुए Bhavana Kasturi ने ये भी कहा कि सेना में उच्च अधिकारी महिला अधिकारियों के स्थायी कमीशन के लिए बहुत मेहनत कर रहे थे और वे उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि एएससी दल का नेतृत्व करने वाली एक महिला अधिकारी के अलावा, गणतंत्र दिवस परेड के साथ सेना दिवस परेड भी दिखेगी, पहली बार M 777 A 2 अल्ट्रा लाइट होवित्जर और K9 वज्र-टी मिलिलीरी का प्रदर्शन भी होगा|

Bhavana Kasturi
Photo : oddnari.in

सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को उस दिन को याद करने के लिए मनाया जाता है जब (तत्कालीन) लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा ने जनरल सर फ्रांसिस बुचर से जनवरी 1949 में भारत के कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार संभाला था। ये दिन उन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए भी मनाया जाता है, जिन्होनें देश और उसके नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया|

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