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Rohit Patel का आविष्कार अब लगाएगा प्याज़ की क़ीमतों पर लगाम

मध्य-प्रदेश के धार डिस्ट्रिक्ट के डेडला गाँव के Rohit Patel ने ऐसी low-cost storage facility तैयार की है, जहाँ प्याज़ को आसानी से स्टोर किया जा सकता है|

अंततः देश भर में प्याज किसानों के बचाने के लिए उनका आविष्कार आ गया है। ये onion storage 600 वर्ग फीट संरचना है, जहाँ 500 से ज़्यादा क्विंटल प्याज स्टोर किया जा सकता है।

Rohit Patel
Photo : steemit.com

इसमें जमीन के ऊपर 6 इंच एक तार का जाल शामिल है। ठंडा करने के लिए इसमें 6 exhaust fans लगाए गये हैं। ये fans प्याज़ को सूखा और ठंडा रखते हैं| साथ ही ये प्याज़ को सड़ने से भी बचाते हैं|

ये storage facility आम तौर पर बेज़ार में मिलने वाली storage facility की तुलना में सस्ती है| इसकी लागत केवल 25000 रुपये (400 डॉलर) है। किसानों के लिए, ये प्याज भंडारण का एक cost-effective और शानदार तरीका है।

प्याज भंडारण एक मुश्किल बिज़्नेस है। उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स, CO2 की उच्च मात्रा का कारण बनता है और जिससे कि अंकुरित (sprouting) होती है। बड़े भंडारण के लिए, आपको एक CO2 scrubber के साथ एक covered storage की आवश्यकता होती है। Temperature control के साथ एक लंबे वक़्त के लिए इसे संरक्षित (preserve) कर सकते हैं|

जहां तक भारत की बात है, CO2 scrubber काफी नया है। इसी प्रकार आलू को भी stored किया जाता है और अंकुरित (sprouting) होने से रोकने के लिए moisture और starch stabalization का कम नुकसान होता है|

Rohit Patel
Photo : outlookindia.com (representable image)

Rohit Patel 2009 से अपनी स्कूली शिक्षा (12th क्लास) पूरी करने के तुरंत बाद से ही खेती में लगे हुए हैं। उनका खेत 40 एकड़ में फैल गया। प्याज और लहसुन, उनके खेत में उगाई जाने वाली प्राथमिक फसलें हैं। लहसुन में लंबे समय तक शेल्फ लाइफ है और कीमतें स्थिर हैं इसलिए इस तरह के भंडारण की चिंता नहीं होती हैं, हालांकि प्याज जल्द ही खराब हो जाते हैं और कीमतें अस्थिर हैं इसलिए उन्होंने storage facility का आविष्कार किया।

Rohit Patel के पूरे खेत का उत्पादन पास के शहरों में थोक मंडी में बेचा जाता है। पूरा स्टॉक व्यापारियों से नीलामी में बेचा जाता है। उनका कहना है कि उन्हें भारी मूल्य शोषण का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वर्तमान में वो market linkages पर जागरूकता की कमी के कारण दौड़ का पीछा कर रहे हैं। उनके अनुसार अगर उन्हें marketing के लिए कोई मार्गदर्शन मिलता है तो निश्चित रूप से वो उसे अपनाएँगे|

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