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अपनी scholarship money से इस बच्चे ने छुड़ाए 14 कैदी

भोपाल का एक क्लास 10th का स्टूडेंट Ayush Kishore, कैदियों के लिए lifeline बना है| ऐसे कैदी जिन्होंने अपने गुनाहों की सज़ा तो काट ली है, लेकिन अभी भी सलाखों के पीछे हैं क्योंकि वो जुर्माना नहीं दे सकते|

जैसे ही Ayush इस वर्ष 14 साल के हुए, उन्होनें Independence Day पर ऐसे ही 14 कैदियों को, उनके ज़ुर्माने के fine लिए 27,850 रुपये अपनी scholarship money दान करने का फैसला किया। सभी murder convicts हैं, जिनमें से 12 इंदौर जेल और दो भोपाल से हैं| इस साल Republic Day पर, उन्होंने चार ऐसे कैदियों की रिहाई को भी secured किया था|

scholarship money
Photo : timesofindia.indiatimes.com

2016 में National Child Award for exceptional achievement in academics, और former President प्रणव मुखर्जी द्वारा सम्मानित, Ayush को अपने स्कूल से ऑलराउंडर होने के लिए कई scholarships भी मिली हैं। उन्होंने कई national और international competitions में गोल्ड मेडल्स भी जीते हैं।

Ayush Kishore
Photo : pradeshlive.com

अक्टूबर 2016 का Bhopal jailbreak उनके लिए turning point साबित हुआ। SIMI jailbreak के दौरान, एक जेल कांस्टेबल की मौत हो गई थी और कुछ दिनों बाद उसकी बेटी की शादी होनी थी। Ayush उस परिवार की मदद करना चाहता था इसलिए उसने अपनी मां से 10,000 रुपये उनकी बेटी की शादी के लिए दान करने के लिए कहा, जो उसे scholarship money के तौर पर मिली थी| बाद में, Ayush को बताया गया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनकी मदद की| लोगों की मदद करने में उनकी दिलचस्पी देखने पर, उनकी मां ने suggest किया कि उन्हें उन कैदियों के लिए अपनी scholarship money दान करनी चाहिए, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है, लेकिन ज़ुर्माने का fine ना दे पाने की वजह से अभी भी जेल में हैं|

Ayush Kishore
Photo : eisamay.indiatimes.com

Ayush ने बताया कि इस साल जनवरी में चार कैदियों की release में मदद करने की खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है| वो लोग अपने परिवार से मिलकर बहुत खुश थे। उनकी खुशी ने ही, Ayush लिए प्रेरणा का काम किया और उन्होनें ऐसे कैदियों की मदद करने का फैसला कर लिया| वो एक कैदी से मिले, जिसने दो साल पहले ही अपनी सजा पूरी कर ली थी, लेकिन अभी भी जेल में था| उसे देखकर Ayush ने जितना संभव हो उतना मदद करने का फैसला किया। उन्होनें बताया कि उनमें से कई कैदियों का 6,000 रुपये का जुर्माना भी था|

Ayush Kishore
Photo : bhaskar.com

उनकी मां, assistant IGplanning branch, विनीता मालवीय ने कहा कि Ayush, academics में excellent है। Aloha International Arithmetic Competition जीतने के लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी है। SIMI jailbreak के बाद शहीद कॉन्स्टेबल के परिवार की मदद करने में दिलचस्पी दिखाने के बाद, वो नहीं चाहती थीं कि Ayush दूसरों की मदद करने की भावना खो दे। इसलिए, उन्होनें ही उसे suggest किया कि वो अपनी scholarship money से कैदियों की मदद करे|

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