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देश को ज़रूरत है Chimpula Sailaja जैसे नेताओं की

हालांकि सरकार द्वारा वादे पूरे करने में काफ़ी रोने-धोने हुए हैं, इसी समाज़ को एक ब्रेक और राहत देने के लिए Chimpula Sailaja Satyanarayana Reddy ने अपने वादों को पूरा करने की आशा दिखाई है| उनके वादों में लोगों के लिए drinking water facility और concrete road शामिल हैं|

Chimpula Sailaja, हैदराबाद के बिजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास के 100 वर्ग गज की ओपन प्लॉट पर “For sale” के बोर्ड को लगाने के बाद एक उल्लेखनीय कदम उठाया है। उन्हें ज़मीन के इस टुकड़े के लिए 35-40 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है| उनका विचार है कि, उसे लोगों के लिए किए गए उनके वादे को पूरा करने में 5 साल का समय दिया गया था और 4 साल की अवधि के पूरा होने के बाद भी अगर वह सरकार से कोई भी राशि नहीं ले पाती हैं, तो उन्हें अपने लोगों के लिए एक बड़ा कदम उठाना पड़ेगा| ताकि लोग उनके शब्दों पर विश्वास करें और उन बातों के बारे में संतुष्ट रहें जिनके लिए वो खड़े हुए हैं|

वह 2014 में सत्ताधारी टीआरएस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में एक विशाल बहुमत के साथ जीती थीं| वह रंगारेड्डी जिला परिषद के चेवेला क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं|

Chimpula Sailaja Satyanarayana Reddy
Photo : thenewsminute.com

Chimpula Sailaja ने source को बताया कि funds की कमी के कारण लोगों को किए गये चुनावी वादों को वो पूरा नहीं कर पाईं| लेकिन वो चाहती हैं कि उनके वादे पूरे हों। अब चार साल हो गये हैं, उन्होनें किसानों के लिए उचित सड़क सुविधाओं, लोगों के लिए ठोस सड़कों और उचित पेयजल सुविधा प्रदान करने का वादा किया था| उनके कार्यकाल पूरा होने के लिए केवल एक साल बचा है| जमीन बेचने के अलावा उनके पास कोई और choice नहीं है|

अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने और तेलंगाना सरकार के खिलाफ रियायत याचिका दायर करने के बाद फंड्स का disbursement करने के लिए, उनके प्रयास बेकार हो गए और उन्हें अपने पति के साथ समाज़ को हमेशा किसी भी सोशियल इवेंट्स पर जवाब देना पड़ता था, जिसमें उन्हें उनके वादे पूरे ना कर पाने के लिए दोषी ठहराया जाता था| इसी वजह से उन्हें प्रॉपर्टी बेचने की ज़रूरत पड़ रही है|

Chimpula Sailaja
Photo : theindianfeed.in

पिछले साल उन्होनें हैदराबाद हाईकोर्ट से संपर्क किया था, जिसने सरकार को खनिज गतिविधियों से एकत्रित सीआईजीओएजी फीस में अपने शेयरों के लिए जिले में स्थानीय निकायों को 532 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया था। वह अपने क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम 20 करोड़ रुपये की उम्मीद कर रही थीं| हालांकि, आदेश लागू नहीं किए गये|

हालांकि कई लोग Chimpula Sailaja के विचारों का विरोध कर रहे हैं , लेकिन उनके पति उनके साथ खड़े हैं , जब कि वह ज़मीन बेचने का सोच रही हैं| हमें निश्चित रूप से उनके जैसे सरकारी कर्मचारियों की आवश्यकता है|

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