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13 साल की Mahankali ने toilet बनाने के लिए रखा 2 दिन का व्रत

एक 7th क्लास की Mahankali के कुछ ना खाने और पीने के बाद बल्लारी जिले के सिरुगुप्पा तालुक के तलूर गांव में उसके घर में शौचालय बना के दिया गया| H Mahankali ने ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में घर पर शौचालय होने के महत्व को सुना था| अब उसे गांव का प्रतीक माना जा रहा है|

13 साल की लड़की गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रही है| 2015-16 में एक शौचालय उसके परिवार को allot किया गया था, लेकिन उससे कुछ भी नहीं हुआ| फरवरी के पहले सप्ताह में जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, Mahankali घर लौट आई और जब तक उसके माता-पिता एक शौचालय बनाने के लिए राजी नहीं हुए, तब तक उसने खाना और पानी पीने से इनकार कर दिया| उसके माता-पिता ने उसे बहुत मनाने की कोशिश की कि परीक्षा पास ही है और भूख से वो बीमार पड़ जाएगी, लेकिन Mahankali अपनी ज़िद पूरी होने तक 2 दिन तक भूखी रही|

H Mahankali
Photo : humanjunction.com

उस समय तक, यह मामला ग्राम पंचायत कार्यालय और स्थानीय अधिकारियों तक पहुंच गया था और पंचायत के सदस्यों ने उसे मनाने की बहुत कोशिश की कि वह अपना व्रत तोड़ दे, लेकिन वह नहीं मानी| लड़की को रोकने में असमर्थ अधिकारियों ने उसके घर के बाहर एक शौचालय बनाने का काम शुरू कर दिया था, जो कि फरवरी के दूसरे हफ़्ते में पूरा हुआ।

H Mallesh ने कहा कि उनके पास रहने के लिए proper घर नहीं है और जब उनकी बेटी ने खाने और पीने से इनकार कर दिया था तो उन्हें खुद पर बहुत शर्म आई| उन्होनें उसे मनाने की बहुत कोशिश की| ग्राम पंचायत अध्यक्ष, सचिव और अन्य लोग उनके घर आए, उन्होंने Mahankali से बात की और शौचालय बनाने का काम शुरू कर दिया| अब लोग उसके दृढ़ संकल्प की बात कर रहे हैं और उन्हें भी इस बात का बहुत गर्व है। रातों-रात उनकी बेटी गाँव का सितारा बन गयी है|

Mahankali
Photo : dailyhunt.in

पंचायत अध्यक्ष राजगोपाल रेड्डी ने कहा कि जब उन्होनें Mahankali की मांग के बारे में सुना तो उन्होनें तुरंत सचिव को बुलाया और इस मामले पर सदस्यों के साथ चर्चा की। वह उसके घर गए और बिना किसी देरी के शौचालय बनाने का काम शुरू कर दिया।

Mahankali ने कहा कि स्कूल में हुए शौचालय जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उसे प्रेरणा मिली| बिना कुछ सोचे उसने अपना आंदोलन शुरू किया और वो खुश है कि उसका सपना पूरा हो गया है| उसका मानना है कि गाँव वालों को खुले में शौच ना करने के लिए आगे आना होगा|

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