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बिना हाथों के यह teacher बना रही है हज़ारों बच्चों का भविष्य

कभी-कभी जो चीज़ें हम नहीं बदल सकते, हमें बदल देती हैं| यह कहावत उन लोगों के लिए जिन्हें भगवान ने स्पेशल बना के पैदा किया लेकिन उन्होनें खुद को दुनिया के सामने सफल बन के दिखाया| ऐसी ही इंसान है झारखंड की बसंती कुमारी| ऐसी लड़की जो बिना हाथों के पैदा हुई और अपने साहस और दृढ़ता के बल पर पैरों से लिखने में महारत हासिल की| आगे चलकर उन्हें Rorabandh Karmik Middle School, Jharkhand में Para teacher का role मिल गया और 2005 से अब तक वह टीचिंग कर रही हैं|

Basanti Kumari
Source : dopeshop.in

बसंती कुमारी, Mr. Madhav Singh और Mrs. Prabhavati Devi की low-income family में 5 बेटियों में सबसे बड़ी हैं| Madhav Singh Fertiliser Corporation of India-(FCI), Sindri में foreman हैं जबकि उनकी पत्नी एक homemaker हैं| वह दोनों उस वक़्त परेशान हो गये जब बसंती ने बिना हाथों के जन्म लिया| वह हज़ारों डॉक्टर्स के पास गये कि उनकी लड़की ठीक हो जाए लेकिन बात ना बनी| उन्होनें सोच लिया कि वह उसे स्कूल नहीं भेजेंगे क्यूंकी वह हाथ इस्तेमाल नहीं कर सकती थी| लेकिन Basanti वह साहसी लड़की थी जो अपने हर दिन के काम पैरों से करती थी| उसके माता-पिता जो उसे अब तक homeschooling दे रहे थे उन्होनें 6 साल की उम्र में उसे regular school भेजने का सोच लिया और Sindri में स्कूल join कर उसने 1993 में अपने 10वीं के exam पास कर लिए| अपनी intermediate की पढ़ाई पूरी कर उसने B.A sociology honors के लिए कॉलेज join कर लिया| 1999 में second class के साथ उसने अपना graduation पूरा किया| इसके बाद से उसके अंदर आत्मविश्वास आ गया कि वह किसी पर निर्भर नहीं है और बिना किसी की मदद या tuition के वह यहाँ तक पहुँच गयी है|

Basanti Kumari
Source : cosmoread.com

बसंती के graduation पास करते ही उनके पिता को paralysis हो गया और वह FCI से रिटाइर्ड भी हो गये| उनके भाई Niranjan Singh को FCI में जॉब तो मिली लेकिन FCI के shut down होने की वजह से उसकी नौकरी भी चली गयी| उनके परिवार का सारा भर बसंती के कंधों पर आ गया| काफ़ी मशक्कत के बाद 2005 में उन्हें Rorabandh Karmik Middle School में contractual Para teacher की जॉब मिल गयी| उन्होनें स्कूल को विश्वास दिलाया कि उनकी disability कभी उनके काम में रुकावट नहीं लाएगी| तब से अब तक वह अपने काम के प्रति निष्ठावान हैं| बड़ी आसानी से वह अपने पैरों के सहारे blackboard में लिख लेती हैं|

Basanti Kumari
Source : jagranjunction.com

उनका मानना है कि भगवान ने उन्हें हाथ नहीं दिए लेकिन उससे भी ज़्यादा ताकतवर पैर दिए हैं| वह Mathematics, Sanskrit, Social Science और English पढ़ाती हैं| उन्हें पढ़ाना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन उन्हें दर है कि govt. policies की वजह से कहीं उन्हें Para teacher की नौकरी ना छोड़नी पड़े| उनका बस एक ही सपना है कि वह अपनी छोटी बहन की देखरेख कर सकें जिसकी कि अभी शादी नहीं हुई है, जबकि बाकी तीन बहनें settle हो चुकी हैं|

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