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खुद स्कूल ना पढ़ पाने वाले Gazi Jalaluddin ने खोले 2 स्कूल

West Bengal के Sundarban के उत्तरपुरबो ठाकुरचक गाँव में पैदा और पले-बड़े Gazi, अपने स्कूल में सबसे bright student थे| लेकिन जो बच्चा अपनी क्लास में हमेशा first आता था उसे अपनी घर की financial conditions की वज़ह से 7 साल की उम्र में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी|

Gazi Jalaluddin
Source : staticflicker.com

उनके पिताजी के पास quarter-acre की ज़मीन होने के बावज़ूद खेती ना होने के कारण घर का गुज़ारा नहीं चल पाता था| इसलिए उनका परिवार Kolkata शिफ्ट हो गया| लेकिन पिताजी की उम्र देखकर कोई उन्हें काम पर रखने को तैयार नहीं हुआ| बदक़िस्मती से Gazi को परिवार की ज़िम्मेदारी उठाते हुए कोलकाता की सड़कों पर भीख माँगनी पड़ी|

Gazi Jalaluddin
Source : staticflicker.com

13 साल का होते ही ग़ाज़ी ने rickshaw चलना शुरू कर दिया और फिर 18 साल की उम्र में वह Taxi-driver बन गये|
जैसे-जैसे समय बीतता गया Gazi को एहसास हुआ की उनके गाँव के young लड़के उनकी तरह ही रोज़ी-रोटी कमाने के लिए बेबस हैं| उनकी मदद करने के लिए 1979 में उन्होनें Sundarban Driving Samiti शुरू कर उन लड़कों को ड्राइविंग सीखाना शुरू कर दिया| उन्होनें 10 लड़कों को फ्री में ड्राइविंग सिखाई और 5 रुपये हर महीने कमाने के बाद दान करने को कहा|

Gazi Jalaluddin
Source : staticflicker.com

सिर्फ़ driving school ही नहीं, Gazi अपने गाँव के लिए बहुत कुछ सोचते थे| वह अपने passengers से books और पुराने कपड़े दान करने के लिए पूछते और जो लोग दान करते, उसे वह गाँव के बच्चों में बाँट देते|

Gazi Jalaluddin
Source : staticflicker.com

इतने पर भी ग़ाज़ी खुश नहीं थे, उन्हें लगता था अभी कुछ missing है| एक लड़का जिसे आर्थिक तंगी के कारण स्कूल छोड़ना पढ़ा, वह चाहता था उसके गाँव के बच्चे अनपढ़ ना रहें| खुद के अनुभवों से उन्होनें 1998 में उत्तरपुरबो ठाकुरचक, Sundarban में एक स्कूल खोला| 2 टीचर और 22 बच्चों के साथ शुरू किया गया यह प्राइमरी स्कूल उनकी मेहनत का ही नतीजा था|

Gazi Jalaluddin
Source : telegraphindia.com

2016 में Gazi ने अनाथ बच्चों के लिए एक orphanage भी बनवाया, ताकि किसी भी बच्चे को उनकी तरह भीख ना माँगनी पड़े| निःसंदेह ही Gazi सभी भारतीयों के लिए एक प्रेरणा हैं, जिन्होनें खुद को अपने परिवार, अपने गाँव ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक हीरो का दर्जा दिया है|
हमें गर्व है Gazi जैसे लोगों पर जो एक बेहतर भारत बना रहे हैं|

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